“गोवा सरकार ने विधवा महिलाओं के लिए नई वित्तीय सहायता योजना शुरू की है। 21 साल से कम उम्र के बच्चों वाली विधवाओं को अब 4000 रुपये मासिक मिलेंगे। गृह आधार और विधवा पेंशन योजनाओं को एकीकृत कर यह कदम उठाया गया है। इसका उद्देश्य आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”
गोवा सरकार की नई योजना: विधवाओं को 4000 रुपये मासिक सहायता
गोवा सरकार ने हाल ही में विधवा महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम उठाया है। राज्य में उन विधवाओं को, जिनके बच्चे 21 वर्ष से कम उम्र के हैं, अब हर महीने 4000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के बाद की गई। इस पहल का उद्देश्य विधवाओं और उनके परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
पहले, गोवा सरकार दो अलग-अलग योजनाओं—गृह आधार योजना और विधवा पेंशन योजना—के तहत विधवाओं को क्रमशः 1500 रुपये और 2500 रुपये की मासिक सहायता प्रदान करती थी। इन योजनाओं के लिए अलग-अलग विभागों में आवेदन करना पड़ता था, जिससे प्रक्रिया जटिल हो जाती थी। अब, इन दोनों योजनाओं को समाज कल्याण विभाग के तहत एकीकृत कर दिया गया है, और पात्र विधवाओं को एकमुश्त 4000 रुपये की मासिक सहायता दी जाएगी। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री सुभाष फल देसाई ने बताया कि इस कदम से आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब विधवाओं को केवल अपने बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र जमा करना होगा, और सहायता स्वतः शुरू हो जाएगी।
इस योजना के तहत, जब बच्चा 21 वर्ष की आयु तक पहुंचेगा, तो सहायता राशि स्वतः 2500 रुपये प्रति माह हो जाएगी। यह सुनिश्चित करता है कि विधवाओं को निरंतर आर्थिक सहायता मिलती रहे, भले ही उनके बच्चे बड़े हो जाएं। इसके अलावा, गृह आधार योजना को रद्द करने की आवश्यकता नहीं होगी; विधवा सहायता योजना के लिए स्वीकृति मिलते ही गृह आधार स्वतः बंद हो जाएगी। यह कदम न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया को सुगम बनाता है, बल्कि लाभार्थियों को समय पर सहायता सुनिश्चित करता है।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस योजना को सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य समाज के कमजोर वर्गों, विशेष रूप से विधवाओं, को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित करेगी।” इस घोषणा के साथ ही सरकार ने प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप पोर्टल भी लॉन्च किया, जो कमजोर वर्गों के छात्रों को शैक्षिक सहायता प्रदान करेगा।
यह योजना गोवा में सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने और महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल विधवाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार करेंगी, बल्कि उनके बच्चों के शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेंगी। गोवा सरकार का यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।
Disclaimer: यह लेख गोवा सरकार की हालिया घोषणा और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल या समाज कल्याण विभाग से संपर्क करें।