“गोवा सरकार ने युवाओं के लिए नई स्किल डेवलपमेंट स्कीम लॉन्च की है, जिसका लक्ष्य टूरिज्म, टेक्नोलॉजी, और कृषि क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। यह स्कीम डिजिटल स्किल्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, और उद्यमिता प्रशिक्षण पर जोर देती है, ताकि युवा आत्मनिर्भर भारत के विजन में योगदान दे सकें।”
गोवा में युवा रोजगार: 2025 की नई स्किल डेवलपमेंट स्कीम
गोवा, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और टूरिज्म के लिए जाना जाता है, अब युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का केंद्र बन रहा है। गोवा सरकार ने हाल ही में एक नई स्किल डेवलपमेंट स्कीम की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान करना और राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है। यह स्कीम केंद्र सरकार के स्किल इंडिया 2.0 पहल के साथ मिलकर काम करेगी, जिसे 2022 में शुरू किया गया था और अब इसे और मजबूत किया जा रहा है।
इस स्कीम के तहत, गोवा में टूरिज्म, डिजिटल टेक्नोलॉजी, और आधुनिक कृषि जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेष रूप से, ड्रोन टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्किल्स जैसे एआर/वीआर और मशीन लर्निंग में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। ये क्षेत्र गोवा की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि राज्य का टूरिज्म सेक्टर देश के सबसे बड़े रोजगार सृजनकर्ताओं में से एक है।
2022 में गोवा रोजगार मेले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि गोवा में स्व-रोजगार और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए किसानों और युवाओं को सेल्फ हेल्प ग्रुप्स और स्किल प्रोग्राम्स से जोड़ा जा रहा है। इस दिशा में, नई स्कीम के तहत 2025 में 1,000 से अधिक युवाओं को पुलिस, अग्निशमन, योजना, और कृषि विभागों में नियुक्तियां दी गई हैं। इसके अलावा, गोवा सरकार ने स्थानीय उद्योगों के साथ साझेदारी की है ताकि मांग आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।
इस स्कीम का एक प्रमुख हिस्सा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। ड्रोन टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण न केवल कृषि क्षेत्र में फसल मूल्यांकन और कीटनाशक छिड़काव के लिए उपयोगी है, बल्कि यह टूरिज्म और सुरक्षा क्षेत्रों में भी नए अवसर खोल रहा है। उदाहरण के लिए, ड्रोन का उपयोग गोवा के समुद्री तटों की निगरानी और पर्यटक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
यूनीसेफ और एसएपी इंडिया की 2020 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को डिजिटल स्किल्स और करियर मार्गदर्शन की कमी के कारण रोजगार के अवसरों तक पहुंच में कठिनाई होती है। गोवा सरकार ने इस चुनौती को पहचाना और ग्रामीण युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों में डिजिटल लिटरेसी, उद्यमिता, और सॉफ्ट स्किल्स जैसे कम्युनिकेशन और लीडरशिप पर ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा, गोवा में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए स्कीम में विशेष प्रावधान किए गए हैं। युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने के लिए मेंटोरशिप और फंडिंग की सुविधा दी जा रही है। यह विशेष रूप से टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नए बिजनेस मॉडल्स को प्रोत्साहित करेगा, जैसे इको-टूरिज्म और स्मार्ट हॉस्पिटैलिटी सॉल्यूशंस।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्कीम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशिक्षण कार्यक्रम कितने प्रभावी ढंग से लाग
Disclaimer: यह लेख सरकारी घोषणाओं, स्किल इंडिया 2.0 की जानकारी, और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। रोजगार और स्कीम से संबंधित नवीनतम अपडेट के लिए गोवा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभागों से संपर्क करें।